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लूट का विरोध करने पर महिला व ट्यूशन टीचर को उतारा मौत के घाट, तीन बच्चों को भी किया लहुलुहान GHAZIABAD

विनोद गिरि / गाज़ियाबाद voice

मसूरी थाना क्षेत्र स्थित शाताब्दीपुरम के सरस्वती विहार में शनिवार रात लूट का विरोध करने पर दोहरे हत्याकांड की वारदात को अंजाम दिया गया. इस सनसनीखेज वारदात में लुटेरों ने घर में मौजूद महिला व बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने आई युवती को मौत के घाट उतार दिया. वहीँ, तीनों बच्चों पर भी बेरहमी से कई वार कर उन्हें लहुलुहान कर दिया. इसके बाद लुटेरे घर से सोने-चांदी के जेवरात व नकदी लूट कर फरार हो गए. इसकी जानकारी मिलते ही परिजनों के साथ ही आईजी, एसएसपी व पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों शवों को पोस्ट मार्टम के लिए भेजने के साथ ही बच्चों को उपचार के लिए भेजा गया.

मसूरी थाना क्षेत्र स्थित शताब्दीपुरम के सरस्वती विहार निवासी लोकमन ठाकुर चौपला मंदिर के पास कांजी बड़े की ठेली लगाते हैं. उनके बेटे महेश व राजकुमार भी इस काम में उनका हाथ बंटाते हैं. रोजाना की तरह शनिवार को तीनों अपने काम पर गए हुए थे. रात नौ बजे तीनों घर लौटे तो वहां का नज़ारा देख उनके होश उड़ गए. भूतल से लेकर पहली मंजिल तक के कमरों में सारा सामन अस्त व्यस्त पडा था. वहीँ, पहली मंजिल पर ही महेश की पत्नी डोली (30) व बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने आई अंशु (18) का शव पड़ा था. नज़दीक ही महेश के तीनों बच्चे गौरी (6), मीनाक्षी (4) व रूद्र (5) भी गंभीर रूप से जख्मी और बेसुध हालत में पड़े थे. कमरे में चारों तरफ खून के के निशान फैले हुए थे. कमरे में रखी अलमारी टूटी पड़ी थी और उसमे रखे सोने-चांदी के जेवरात व नकदी गायब थी.

घटना की जानकारी मिलते ही घर में चीक-पुकार मच गयी. आस पड़ोस के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गयी. सूचना पर आईजी रेंज प्रवीण कुमार, एसएसपी कलानिधि नैथानी भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने डोली व अंशु के शवों को पोस्ट मार्टम के लिए भेजा. साथ ही, खून से लथपथ तीनों बच्चों को उपचार के लिए पहले जिला एमएमजी अस्पताल फिर जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया. लेकिन बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने उन्हें सर्वोदय व यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों के मुताबिक़ गले व सिर में गहरी चोट के कारण गौरी की हालत बेहद नाज़ुक बनी हुई है. वहीँ मिनाक्षी व रूद्र को भी गंभीर चोटें हैं.

पुलिस ने छानबीन में घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू व सिलबट्टा बरामद किया और लोगों से पूछताछ की. पुलिस पूछताछ में लोकमन ने बताया कि उनके यहां पूर्व में काम कर चुका कारपेंटर आस मोहम्मद शनिवार शाम उनके घर आया था और पांच बजे उनके साथ ही चौपला मंदिर गया था. वहां आस मोहम्मद ने कहा कि वह कुछ सामान लोकमन के घर भूल गया है, वह लेने जा रहा है. इसके बाद से उससे संपर्क नहीं हुआ.

वहीँ, अंशु की मां वंदना ने भीएसएसपी को दिए अपने बयान में कहा कि घटना से पहले आस मोहम्मद को वहां देखा था. ऐसे में आस मोहम्मद शक के घेरे में था लेकिन कुछ देर की जांच में पता चला कि घटना के वक्त वह घर पर मौजूद था ऐसे में पुलिस ने उसे क्लीन चिट देते हुए दूसरे एंगल पर अपनी जांच आगे बढ़ाई.

पुलिस की पूछताछ व छानबीन में पता चला कि वारदात को अंजाम देने वाले पीड़ित परिवार के परिचित थे. क्यूंकि घर में वह ड्राइंग रूम के बजाय सीधे महेश के कमरे में गए थे और वारदात से पहले उन्होंने वहां चाय भी पी थी. पूछताछ में पता चला कि पीड़ित परिवार पूर्व में लाल क्वार्टर इलाके में रहता था और वहां रहने वाले करीबी रिश्तेदार और परिचित पुलिस के शक के दायरे में आये.

जिसके बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी ने वारदात के लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कीं और खुद भी पूरे मामले पर बारीकी से निगाह जमाये हुए थे. आईजी प्रवीण कुमार ने कहा कि शीघ्र ही अपराधियों की गिरफ्तारी व मामले का खुलासा होगा.

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