Breaking News

सूटकेस में शव के बाद डकैती का खुलासा भी गाज़ियाबाद पुलिस के लिए बना गले की फांस GHAZIABAD

संजय गिरि / गाज़ियाबाद voice

साहिबाबाद में सूटकेस में बंद महिला के शव की गलत शिनाख्त कर वाहवाही लूटने के चक्कर में अपनी फजीहत करा चुकी गाज़ियाबाद पुलिस के लिए कविनगर थाना क्षेत्र में डकैती का खुलासा भी गले की फांस बन गया है. चिरंजीव विहार में हुई 12 लाख की डकैती मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस खुलासे पर सवाल खड़े कर दिए हैं. खुलासे के दौरान पुलिस ने पीड़ित परिवार का सामना गिरफ्त में आये डकैतों से कराया था. लेकिन परिवार के कुछ सवालों में ही डकैतों के विरोधाभासी जवाब ने पूरे खुलासे पर सवालिया निशान खड़े कर दिए. यही नहीं, पुलिस ने जो ज्वेलरी बरामद करने का दावा किया उसे भी पीड़ित परिवार ने नकारते हुए कह दिया कि वह उनकी ज्वेलरी है ही नहीं.

मासूम को गन पॉइंट पर लेकर डाली थी डकैती

कविनगर थाना क्षेत्र के चिरंजीव विहार में 27 जुलाई की रात को भोपाल शर्मा के घर में हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोल दिया था. परिवार को बंधक बनाकर बदमाशों ने करीब 12 लाख की डकैती की वारदात को अंजाम दिया था. बदमाशों ने मासूम बच्चे को गन प्वाइंट पर लेकर लूटपाट की थी. विरोध करने पर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट भी की थी.

पुलिस पर था डकैती का पर्दाफाश करने का दबाव

डकैती कि बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश घर में रसोई की खिड़की निकालकर मकान में दाखिल हुए थे. करीब साढ़े चार घंटे घर में तांडव मचाने के बाद बदमाश रुपये वे ज्वेलरी लूट कर फरार हो गए थे. इस मामले में पीड़ित  भोपाल शर्मा ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कराया था. स्थानीय पुलिस के साथ ही आला अफसरों पर भी डकैती का पर्दाफाश करने का काफी दबाव था.

पुलिस का दावा – 70 प्रतिशत माल बारामद

डकैती का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी. पुलिस के मुताबिक़ रविवार रात को बदमाशों से उसकी मुठभेड़ हो गई. पुलिस ने तीन महिला समेत सात बदमाशों को गिरफ्तार कर डकैती की घटना का पर्दाफाश भी कर दिया. बाकायदा एसएसपी ने प्रेस वार्ता कर पर्दाफाश करने की जानकारी दी. वारदात में शामिल बदमाश रफीक, अनवर, आफताब, शमशेर, प्रिंस व खलील फरार बताए गए थे. प्रेस वार्ता में पुलिस ने दावा किया था कि लूटा गया 70 प्रतिशत माल बरामद हो गया है.

परिवार ने कहा – यह ज्वेलरी उनकी नहीं

पुलिस गिरफ्त में आये बदमाशों की कद काठी देखकर पीड़ित परिवार ने सवालिया निशान खड़े कर दिए. यहाँ तक कि पुलिस की कार्रवाई को फर्जी करार दे दिया. परिवारवालों ने कहा कि पकड़े गए बदमाश उनके घर में डकैती डालने वालों में शामिल नहीं हैं. परिवार सोमवार से ही बदमाशों से बरामद ज्वेलरी दिखाने की मांग कर रहा था, मगर पुलिस ज्वेलरी दिखाने से बच रही थी. आखिरकार परिवार की ज़िद्द पर उन्हें पुलिस ने मोबाइल से ज्वेलरी की फोटो खींचकर दिखाई. परिवार के सभी सदस्यों ने फोटो देखकर कहा कि यह उनकी ज्वेलरी है ही नहीं.

परिवार के सवालों का बदमाशों ने दिया गलत जवाब

पीड़ित परिवार के विरोध पर पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों से उनका आमना-सामना कराया. परिवार के सदस्यों ने बदमाशों से पूछा कि गेट का ताला तोड़ा था या कुंडी? बदमाशों ने जवाब दिया ताला, जो गलत जवाब था. दूसरा सवाल पूछा कि आधी खिड़की तोड़ी थी या पूरी? बदमाशों ने इसका भी गलत जवाब देते हुए कहा कि आधी. जिसके बाद परिवार ने पुलिस पर फर्जी खुलासे का आरोप लगाया. परिवार के सदस्यों कि मानें तो पुलिस उन पर अपनी कार्रवाई को सही ठहराने के लिए दबाव बना रही है.

Check Also

श्रेया हॉस्पिटल में स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन, कोरोना कर्मवीरों को किया गया सम्मानित GHAZIABAD

अभिषेक सिंह / गाज़ियाबाद voice साहिबाबाद के शालीमार गार्डन स्थित श्रेया हॉस्पिटल में विश्व फिजिओथेरेपी …