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प्रदेश के व्यापारियों ने ज़ूम मीटिंग कर जताई प्रदेश की गिरती अर्थव्यवस्था पर चिंता GHAZIABAD

विनोद गिरि / गाज़ियाबाद voice

कॉउन्सिल ऑफ़ उद्योग व्यापार मंच ने गाजियाबाद के व्यापारियों की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई जिसमे कॉउन्सिल ऑफ़ उद्योग व्यापार मंच के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह, जिला महामंत्री विकास राजोर, नगर अध्यक्ष गणेश गौतम, नगर उपाध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव आदि ने गाजियाबाद के सभी व्यापारीगणों की समस्याओं पर चर्चा की व जल्द ही समस्याओं को मुखरता से प्रदेश सरकार के समक्ष उठाने की बात की गई.

जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि इस वैश्विक महामारी में हमारी सरकार हर तबके के बारे में सोच रही है लेकिन व्यापारियों के बारे में कोई नहीं सोच रहा है. लगातार दूसरे साल के लॉकडाउन ने छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों की पूंजी को लगभग तोड़ दिया है. व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि जिस प्रकार सरकार ने बैंक, गल्ला, सब्जी, दवा, उद्योग, ट्रांसपोर्ट व आबकारी दुकानों आदि को प्रतिबंधों के साथ काम करने की इजाजत दी है उसी प्रकार उसे बाकी की सभी दुकानों व व्यवसाय को भी काम करने की सुविधा प्रदान किये जाने पर विचार करना चाहिए.

जिला महामंत्री, विकास राजोरा ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था दिन प्रतिदिन घटती जा रही है जिसका मुख्य कारण प्रदेश के लाखों छोटे व मध्यम व्यापारियों का रोजगार बिल्कुल शून्य हो जाना है. पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मामलों में भी कमी यह संकेत देती है कि सावधानियों के साथ अगर दुकानें खोली जाए तो भी कोरोना की चेन तोड़ी जा सकती है.  

व्यापारियों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि सरकार को जिन व्यपारियों पर कोरोना निर्देशों का उल्लंघन करने पर प्रदेश सरकार द्वारा मुकदमे किये गए हैं उन्हें यह देखते हुए वापस ले लिए जाएं, क्यूंकि व्यापारी ने अपने परिवार का पेट भरने के लिए अपनी दुकानें खोलीं थी और परिवार का पालन पोषण करना सरकार की नजरों में अपराध की श्रेणी में नहीं आता होगा इसलिए कोरोना काल में व्यापारियों पर किए गए मुकदमे वापस ले लिए जाएं.

वर्चुअल बैठक में इस मुददे पर भी चर्चा हुई की इस वैश्विक महामारी के समय पर अगर किसी वर्ग की आर्थिक स्थिति सबसे कमजोर है तो वह व्यापारी है. ऐसे में विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा आपदा में अवसर तलाशा जा रहे हैं. बिजली कंपनियों का नया प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग को भेजा गया है जिसके पास होते ही रेगुलेटरी सर चार्ज के नाम पर प्रदेश के समस्त बिजली उपभोक्ताओं पर 12% से 15% तक बिल का भार बढ़ जाएगा.

इस पर गाजियाबाद के महानगर अध्यक्ष गणेश गौतम ने कहा है कि कॉउन्सिल ऑफ़ उद्योग व्यापार मंच प्रदेश सरकार से निवेदन करेगा की विद्युत कंपनियों के इस तरह के किसी भी प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर कंपनियों पर विद्युत दरों को कम करने का दबाव बनाया जाए. साथ ही लॉक डाउन की अवधि के सभी फिक्स चार्ज व अन्य सरचार्ज के वाणिज्यिक विद्युत शुल्क को पूर्णता माफ किया जाय. बैठक में सभी व्यापारीगणों ने कहा कि इस वैश्विक महामारी में व्यापार शून्यता की स्थिति में है, ऐसे में लॉकडाउन अवधि के लिए सभी प्रकार की बैंक लिमिट और टर्म लोन आदि के व्याज को माफ करने की कृपा करें.

वर्चुअल मीटिंग के समापन में जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने कहा की व्यपारियों की सभी समस्याओं को गौर से सुनने के बाद जल्द ही प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रदेश व्यापी ज्ञापन दिया जायेगा और जल्द से जल्द बाजार खोलने और बाकी व्यापारियों की समस्या का निवारण किया जायेगा.

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