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‘भूमि बैंक’ के जरिये उत्तर प्रदेश में उद्योगों को पंख लगाने की तैयारी GHAZIABAD

विनोद गिरि / गाज़ियाबाद voice  

सूबे की योगी सरकार द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास तथा उद्योगों की स्थापना हेतु अनेकों ठोस निर्णय लेते हुए सुविधायें प्रदान किये जाने का दावा किया गया है. योगी सरकार को उम्मीद है कि इन प्रयासों से प्रदेश में उद्योगों को पंख लगेंगे. प्रदेश सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक़ प्रदेश में उद्योगों की स्थापना हेतु पूर्व से ही 20000 एकड़ के भूमि बैंक उपलब्ध हैं. इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2021 में लगभग 5,000 एकड़ के भूमि बैंक के विकास का लक्ष्य निर्धारित करते हुए अगस्त-सितम्बर, 2020 में मात्र 2 माह की अवधि में राज्य सरकार ने विभिन्न औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के माध्यम से लक्ष्य का 13.67 प्रतिशत से अधिक प्राप्ति कर लिया गया है.

विज्ञप्ति के जरिये ये भी कहा गया है कि राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए प्रदेश में निर्मित हो रहे एक्सपे्रसवेज के किनारे लगभग 22000 एकड़ भूमि चिन्हित की है. इस भूमि में से विभिन्न विकास मॉडलों के माध्यम से औद्योगिक पार्को की स्थापना के लिए फिरोजाबाद, आगरा, उन्नाव, चित्रकूट, मैनपुरी और बाराबंकी जिलों में छह उच्च संभावना वाले स्थानों की पहचान की गई है. प्रदेश में सिंगल विण्डों पोर्टल-निवेश मित्र के माध्यम से सभी प्रमुख औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में भूमि का ऑनलाइन आवंटन तथा वास्तविक समय में अपडेशन हेतु भारत सरकार के औद्योगिक सूचना प्रणाली (आई0आइर्0एस0) पोर्टल के साथ औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के भौगोलिक सूचना प्रणाली (जी0आई0एस0) का एकीकरण किया गया है.

प्रदेश सरकार ने इसके अतिरिक्त भूमि बैंक में वृद्धि हेतु अनेक सुधारों की श्रृंखला में एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप के लिए मिश्रित भूमि उपयोग की अनुमति देते हुए जोनल नियमों में संशोधन किया गया है. औद्योगिक भूमि के लिए तल क्षेत्रफल अनुपात (एफएआर) को बढ़ाकर 3.5 (2.5 अनुमन्य $ 1.0 खरीद योग्य एफएआर) कर दिया गया हैं साथ ही उद्योग की सरप्लस भूमि को सब-डिवाइड करने की नीति अधिसूचित कर दी गई है.

प्रदेश सरकार ने भूमि को गैर-कृषि घोषित करने के लिए 45 दिनों के भीतर आवेदन के निस्तारण का आदेश निर्गत किया गया है. औद्योगिक भूमि के लिए लैंड पूलिंग नीति अधिसूचित की गई है. अधिकतम सीमा से अधिक कृषि भूमि की खरीद में आसानी के लिए राजस्व संहिता को संशोधित किया गया है और अनुमोदन का अधिकार जिला स्तर पर प्रतिनिधानित कर दिया गया है. प्रदेश सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए उद्यमियों को राहत देते हुए भूमि बैंक का सृजन करते हुए मूलभूत सुविधायें प्रदान कर रही है. भूमि बैंक के सृजन से प्रदेश में उद्योगों की स्थापना हो रही है. प्रदेश में औद्योगिक विकास से लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रदेश की आर्थिक प्रगति होगी.

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