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राम मंदिर निर्माण के लिए हर जाति और पंथ के लोग आगे बढ़कर धन संग्रह का बन रहे हैं हिस्सा : डॉ कृष्ण गोपाल

विनोद गिरि / गाज़ियाबाद voice

हमारा राष्ट्र, हमारा धर्म, हमारा दायित्व विषय पर यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. हॉस्पिटल के सभागार में आयोजित संगोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ कृष्ण गोपाल जी बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित थे. संगोष्ठी की अध्यक्षता हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ पी एन अरोड़ा ने की.

आयोजन के स्वागत उद्बोधन के दौरान डॉ पी एन अरोड़ा ने कृष्ण गोपाल जी का परिचय देते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन में धनवंतरी परियोजना के संरक्षक के रूप में सुदूर एवं वनवासी क्षेत्रों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाएं उस क्षेत्र के वंचित लोगों को उपलब्ध कराईं और यह परियोजना अभी तक सफलतापूर्वक चल रही है.

साथ ही बताया कि कृष्ण गोपाल जी स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी के संरक्षक एवं प्रेरक के रूप में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में निरंतर अपना अमूल्य योगदान देते रहे हैं और उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड में जिसमें विशेषकर चारों धाम के निकट स्वास्थ्य केंद्रों एवं हॉस्पिटल की स्थापना में अग्रणी रहे हैं.

इसी क्रम में कृष्ण गोपाल जी ने यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशाम्बी के डॉक्टरों से अपने ह्रदय की बात की तथा डॉक्टरों के राष्ट्र के प्रति दायित्व पर मार्गदर्शन दिया. उन्होंने राम मंदिर के निर्माण के लिए चल रहे अभियान के बारे में विस्तार से चर्चा की. उन्होंने विश्व की शांति के लिए लोगों की श्रद्धा को देश की एकता के प्रेरक के रूप में राम मंदिर अभियान को श्रेय देते हुए कहा कि इस कार्य को हजारों वर्ष लगे हैं.

उन्होंने कहा कि श्रद्धा की प्रेरणा से इस देश के एक एक शिखर के साथ, एक एक नदी के साथ, एक एक मदिर एवं तीर्थ स्थान के साथ हमारे पूर्वजों ने लोगों को एक सुत्र में बाँध कर रखा था और इसी भावना से हमारा देश आज तक अपने लोगों का धरती के साथ आध्यात्मिक भाव से जुड़ाव पैदा कर सका है, ऐसा उदाहरण विश्व के किसी भी देश में नहीं मिलता है.

इस बारे में आगे बात करते हुए उन्होंने कहा कि 1984 से चल रहे कोर्ट केस के फैसले के बाद यह देश के लिए अति गर्व का विषय है जिसमें हर जाति और पंथ के लोग आगे बढ़कर इसके निर्माण में धन संग्रह में हिस्सा बन रहे हैं और भारत में आज साढ़े चार लाख गावों में यह अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के माध्यम से भारत के सभी निवासियों को जोड़ने का अभूतपूर्व अभियान चल रहा है.

उन्होंने कहा कि राम का नाम लोगों की नस नस में बसा है. अयोध्या केवल हिन्दू धर्म से नहीं जुड़ा है ब्लकि बौद्ध, जैन, सिख, शैव, वैष्णव एवं अन्य धर्मों से भी जुड़ा है. आने वाले तीन से चार साल के अंदर मंदिर बन जाना चाहिए और यह विश्व का एक बड़ा, अच्छा, सुन्दर, स्मरणीय स्थान बनेगा जहां दुनिया में सर्वाधिक यात्री धार्मिक यात्रा के लिए आएंगे.

कार्यक्रम में यशोदा सुपर स्पेशलिटी कौशाम्बी की डायरेक्टर श्रीमती उपासना अरोड़ा, कार्यकारी निदेशक शुभांग अरोड़ा एवं 100 से भी ज्यादा डॉक्टर मौजूद थे जिन्होंने संयुक्त रूप से राम मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक समर्पण का संकल्प लिया. डॉ पी एन अरोड़ा ने बताया कि अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, सफाई कर्मचारी से लेकर साउथ इंडियन क्रिश्चियन नर्सों ने भी राम मंदिर के लिए आर्थिक समर्पण दिया है.

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