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16 लाख घूस लेकर अधिकारियों ने खड़ा कराया था भ्रष्टाचार के पिलर पर मौत का लेंटर GHAZIABAD

संजय गिरि / गाज़ियाबाद voice

मुरादनगर के उखलारसी श्मशान घाट हादसे के बाद पुलिस गिरफ्त में आये आरोपी कांट्रेक्टर अजय त्यागी ने चौंकाने वाले खुलासे किये है. अपने बयान में उसने कहा है कि 55 लाख रुपये के उक्त निर्माण का ठेका प्राप्त करने व घटिया निर्माण के एवज में उसने नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी व जेई को 16 लाख रुपये घूस के रूप में दिए थे. उक्त रकम की बंदरबांट अधिकारियों के बीच हुई थी. यही नहीं, श्मशान घाट पर मरम्मत व सौन्दर्यीकरण कार्य में लेंटर निर्माण की आवश्यकता नहीं थी लेकिन सरकारी रुपये के गबन के लिए इसे भी बजट में शामिल किया गया.

अधिकारियों व कांट्रेक्टर के बीच सांठगांठ उजागर

श्मशान घाट हादसे में 25 लोगों की दर्दनाक मौत और इस पूरे मामले में हर कार्रवाई पर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की निगाह रखे रखे जाने के बाद एक पर एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे है. इस खुलासे में रुपये के लालच में मौत बांटने वाले कांट्रेक्टर व अधिकारियों के बीच का गठजोड़ खुल कर सामने आया है.

पुलिस से खेलता रहा लुकाछिपी का खेल

हादसे के बाद कुछ घंटों तक लुकाछिपी खेलने वाले कांट्रेक्टर अजय त्यागी को गाज़ियाबाद के एसएसपी कलानिधि नैथानी, एसपी देहात इराज राजा की पुलिस टीम ने मुज़फ्फरनगर से उस वक़्त गिरफ्तार किया जब वह दिल्ली और वहां से कहीं और भागने की फिराक में था.

बरबस बयां करता गया मौत के लेंटर की कहानी

पुलिस ने गिरफ्त में आये अजय त्यागी से पूछताछ शुरू की तो भ्रष्टाचार के पिलर पर खड़े कराये गए मौत के लेंटर के पीछे की कहानी बरबस बयां करता गया. उसने बताया कि मुरादनगर के उखलारसी में श्मशान घाट परिसर में सौन्दर्यीकरण व निर्माण का टेंडर अप्रैल 2019 में उसकी फर्म को मिला था. 55 लाख में यह टेंडर छूटा था और दो महीने में यह कार्य पूरा किया जाना था. इसकी एवज में मार्च महीने में पहली किश्त 26 लाख रुपये व जुलाई महीने में दूसरी किश्त में 16 लाख रुपये का भुगतान भी उसकी फर्म को हो गया था.

निर्माण कार्य में साथियों से की साझेदारी

पूछताछ में अजय त्यागी ने बताया कि यह काम समय पर पूरा नहीं किया जाता तो सरकार से मिली रकम समाप्त हो जाती. ऐसे में उसने यह निर्माण कार्य समय से पूरा करने के लिए एएस कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक संजय गर्ग व आरजी विलटेज प्राइवेट कंपनी के मालिक भानु प्रकाश गर्ग, सचिन गर्ग व विपिन गर्ग से साझेदारी की गयी. उक्त निर्माण कार्य इन सभी के द्वारा मिलकर कराया गया था.

नगर पालिका कार्यालय में ही दी गयी 16 लाख की घूस

अजय त्यागी ने बताया कि ठेका आवंटित होने की एवज में उसने जेई के कहने पर नगर पालिका ईओ निहारिका सिंह के कार्यालय में 16 लाख रुपये की रिश्वत दी थी. उसने बताया कि अधिकारियों को 28 से 30 परसेंट कमीशन एडवांस देना पड़ता था. उसने यह भी बताया कि कमीशनखोरी का जाल ऊपर तक फैला हुआ है. सभी तक तय रकम पहुंचने के बाद ही डेंटर मिलता है और रकम का भुगतान होता है.

नहीं थी लेंटर की ज़रूरत, रुपयों के लालच में बढ़ाया बजट

पूछताछ में अजय त्यागी ने खुलासा किया कि श्मशान घाट के निर्माण में लेंटर  व डिजाइन की जरूरत नहीं थी लेकिन कॉरीडोर की आड़ में भ्रष्टाचार का खेल खेला गया. सरकारी धन का गबन करने के लिए बड़ा बजट बनाया गया. अजय ने खुद कबूल किया कि निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया. यही नहीं, जेई व ईओ ने पर्यवेक्षण के नाम पर खानापूर्ति की और नगर पालिका के अधिकारियों के साथ मिलकर यह सारा खेल खेला गया. पूछताछ में हुए खुलासों के बाद पुलिस ने इस मामले में और धाराएं बढाते हुए अजय त्यागी के साथी संजय गर्ग को भी गिरफ्तार किया है.

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