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कैनाइन प्रतियोगिता में एनडीआरएफ गाज़ियाबाद बटालियन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया

अभिषेक सिंह / गाज़ियाबाद voice

चार दिवसीय एनडीआरएफ इंटर बटालियन कैनाइन और सीएसएसआर प्रतियोगिता 8वीं वाहिनी एनडीआरएफ परिसर में आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में वेस्ट सेंट्रल जोन के अंतर्गत आठवीं, छठी और ग्यारहवीं बटालियन एनडीआरएफ का मुकाबला हुआ। सभी टीमों के बीच दोनों प्रतियोगिताओं में कड़ी टक्कर रही। 13 नवम्बर से शुरू हुई दोनों प्रतियोगिताओं का समापन 16 नवंबर को हुआ। कैनाइन प्रतियोगिता में एनडीआरएफ श्वान दस्ते की क्षमताओं का आंकलन किया गया और इसमें प्रथम स्थान कुल 300 में से 270 पॉइंट्स के साथ गाजियाबाद बटालियन ने प्रथम स्थान हासिल किया।

इसके साथ दूसरे स्थान पर  244 पॉइंट्स के साथ छठी बटालियन वडोदरा और 237 पॉइंट्स के साथ 11वीं बटालियन वाराणसी तीसरे स्थान पर रही। गाजियाबाद बटालियन की तरफ से जर्मन शेफर्ड नस्ल के बुश और नाइट श्वानों ने भाग लिया। वहीं छठी एनडीआरएफ की ओर से मौली व जैक तथा 11वीं एनडीआरएफ की ओर से चेरी वह बॉब श्वानों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। इस प्रतियोगिता में   सर्च, श्वान की  आज्ञाकारीता, और अवरोधों के अंतर्गत 15 इवेंट हुए।

मेजबान गाजियाबाद बटालियन का श्वान बुश आर्मी बेस कैम्प नई दिल्ली- 2019, बहादुरगढ़-2020 और नंदग्राम-2021 में हुए ऑपरेशन में शामिल रह चुका है। वहीं, नाइट श्वान गाजियाबाद के डासना-2018 ऑपरेशन तथा हरियाणा गुड़गांव के उल्लावास-2019 आदि ऑपरेशन में शामिल रहा है।

वहीं दूसरी ओर सीएसएसआर (कॉलेप्सड स्ट्रक्चर सर्च एवं रेस्क्यू) 2021 प्रतियोगिता में कुल 100 पॉइंट्स में से 86 पॉइंट्स के साथ छठी बटालियन वडोदरा प्रथम स्थान पर रही और 84 पॉइंट्स के साथ मेजबान गाजियाबाद बटालियन  कड़ा मुकाबला देते हुए दूसरे स्थान पर रही वही 58 पॉइंट के साथ 11वीं बटालियन तीसरे स्थान पर रही। सीएसएसआर प्रतियोगिता में सात इवेंट्स आयोजित किए गए। जिसमें टीम कमांडर द्वारा ब्रीफिंग, रेस्क्युर्स के द्वारा विक्टिम  सर्च और उसका सुरक्षित रेस्क्यू के साथ साथ सभी अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार घटनास्थल का स्केच एंव मार्किंग की गई।

गौरतलब है वर्ष  2020 में कोरोनकाल में इन  प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं किया गया था  जबकि 2018 व 2019 में ग़ाज़ियाबाद के एनडीआरएफ कैम्प परिसर में इस प्रकार की कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। एनडीआरएफ डिप्टी कमांडेंट आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि वास्तविक आपदा परिदृश्य में होने वाले सभी इवेंट का एक अनुकरण यहां किया गया था।

उन्होंने बताया कि इन प्रतियोगिताओं का एनडीआरएफ की ऑपरेशनल योग्यताओं और क्षमताओं का रोमांच के माध्यम से आंकलन करने का एक माध्यम है। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने वाली टीमें जोनल स्तर की प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई हैं।

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