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आई0टी0एस मोहननगर में नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम ‘मिशन शक्ति’ का आयोजन GHAZIABAD

विनोद गिरि / गाज़ियाबाद voice

मोहन नगर स्थित आई0टी0एस व उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के संयुक्त तत्वाधान में गुरुवार को एक दिवसीय नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम ‘मिशन शक्ति’ का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया. इस मौके पर आई0टी0एस0 गाजियाबाद के आई0टी0 विभाग एवं स्नातक परिसर के निदेशक डॉ सुनील कुमार पाण्डेय, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ स्मिता सिंह (क्षेत्रीय प्रबन्धक, यू0पी0एस0आई0डी0सी0), मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ अरूण शर्मा (विभागाध्यक्ष, इतिहास) एवं निदेशिका, महिला अध्ययन केन्द्र जी0डी0एम0 गर्ल्स पी0जी0 कॉलेज मोदीनगर तथा आई0टी0एस0 स्नातक परिसर की उप प्रधानाचार्या प्रो0 नैन्सी शर्मा ने अपने विचार व्यक्त किये.

अपने स्वागत सम्बोधन में आई0 टी0 विभाग के निदेषक डॉ सुनील कुमार पाण्डेय ने कहा कि नि:संदेह सहजता से हर एक दिन भिन्न-भिन्न भूमिकाएं जीते हुए महिलायें किसी भी समाज का स्तम्भ हैं. हमारे आस पास महिलायें, सहृदय बेटियां, संवेदनशील माताएं सक्षम, सहयोगी और अन्य कई भूमिकाओं को बड़ी ही कुशलता व सौम्यता से निभा रहीं हैं.

यू0पी0एस0आई0डी0सी0 की क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ स्मिता सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज भी दुनिया के कई हिस्सों में समाज महिलाओं की भूमिका को नजरअंदाज करता है. इसके चलते महिलाओं को बड़े पैमाने पर असमानता, उत्पीड़न, वित्तीय निर्भरता और अन्य सामाजिक बुराईयों का खामियाजा सहन करना पड़ता है. सदियों से ये बंधन महिलाओं को पेशेवर व व्यक्तिगत ऊंचाईयों को प्राप्त करने से अवरूद्ध करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षा ही एकमात्र उपाय है जिसके द्वारा महिलाएं समस्त अवरोधों को पार कर आगे बढ़ सकती हैं.

डॉ अरूणा शर्मा ने कहा कि महिलाओं को समाज में उचित व सम्मानजनक स्थिति पर पहुँचाने के लिए भारत सरकार ने महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम आरम्भ किये हैं जो अलग पृष्ठभूमि की महिलाओं के आत्म सम्मान, आंतरिक शक्ति और रचनात्मकता को पोषण करने के लिए ठोस आधार प्रदान करते हैं. इस तरह से स्थापित महिलाएं आज अपने कौशल, आत्मविश्वास और शिष्टता के आधार पर दुनिया की किसी भी चुनौती को संभालने में सक्षम हैं. वे आगे आ रहीं हैं और अपने परिवारों के साथ ही अन्य महिलाओं और समाज के लिए शांति और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के अग्रदूत के रूप में स्थापित कर रही हैं.

उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन में प्रगति करने का एक शक्तिशाली उपकरण है. महिलाओं के उत्थान व सशक्तिकरण के लिए शिक्षा से बेहतर तरीका क्या हो सकता है? भारत सरकार ने बालिकाओं और महिलाओं को स्तरीय शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण भारत के दूरस्थ कोनों में भी समान रूप से सशक्त किया है. उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ आधुनिक युग की नारी पढ़ लिख कर स्वतंत्र है. वह अपने अधिकारों के प्रति सजग है तथा अपना निर्णय स्वयं लेती है. अब वह चारदीवारी से निकलकर देश के लिये महत्वपूर्ण कार्य करती है. इसी वजह से राष्ट्र के विकास के महान काम में महिलाओं की भूमिका और योगदान को पूरी तरह और सही परिप्रेक्ष्य में रखकर ही राष्ट्रनिमार्ण के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.

अन्त में आई0टी0एस0 स्नातक परिसर की उप प्रधानाचार्य प्रो0 नैन्सी शर्मा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया तथा कहा कि शिक्षा ही एक मात्र साधन है जो नारियों को सक्षम तथा सभी क्षेत्रों में अग्रणी बनाता है. उन्होंने कहा कि भारत में ऐसी महिलाओं की कमी नहीं है जिन्होंने समाज में बदलाव तथा महिला सम्मान के लिये अपने भीतर के डर को हावी नहीं होने दिया. उन्होंने कहा कि आज देश में नारी शक्ति को सभी दृष्टि से सशक्त बनाने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं आज की महिला ने समाज की उस सोच बदल दिया है कि वह घर और परिवार की ही जिम्मेदारी को बेहतर निभा सकती है. आज की महिला पुरुषों के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर हर क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है फिर चाहे काम मजदूरी का हो या फिर अन्तरिक्ष में जाने का, महिलायें अपनी योग्यता हर क्षेत्र में साबित कर रहीं है.

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