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गाजियाबाद नगर निगम ने जारी किया देश का पहला ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड, जुटाया 150 करोड़ रुपये का फंड GHAZIABAD

विनोद गिरि / गाज़ियाबाद voice    

गाज़ियाबाद नगर निगम ने देश का पहला ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड बुधवार को जारी कर दिया. नगर निगम ने बॉन्ड्स के जरिए 150 करोड़ (बेस इशू 100 करोड़ रुपये व ग्रीन इशू ऑप्शन 50 करोड़ रुपये) रुपये का फंड जुटाया है. 150 करोड़ के म्युनिसिपल बाण्ड के सापेक्ष कुल 401 करोड़ की 40 आनलाइन बिड्स बाम्बें स्टॉक एक्सचेंज के आनलाइन बिडिंग प्लेटफार्म पर प्राप्त हुई. इस प्रकार गाजियाबाद म्युनिसिपल बाण्ड 04 गुना सब्सक्राइब हुआ.

बॉन्ड से टर्सियरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का किया जाएगा निर्माण

बाण्ड्स का सब्सक्रिप्शन 8.10 के कूपन रेट पर हुआ, जो म्युनिसिपल बाण्ड के समकालीन इतिहास में सबसे कम दरों में से एक है. पहले एक मिनट में ही पूरा इशू सब्सक्राइब हो गया जो कि गाजियाबाद म्युनिसिपल बाण्ड में निवेशकों का विश्वास तथा उत्तर प्रदेश सरकार के गुड गवर्नेंस  की नीति में विश्वास दर्शित करता है. इस बॉन्ड से टर्सियरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (टीएसटीपी) का निर्माण किया जाएगा. जिससे गंदे पानी का शोधन कर उस इंडस्ट्रियल वॉटर के लायक बनाकर उसका प्रयोग किया जाएगा.

इंदिरापुरम में लगेगा प्लांट

गाजियाबाद में साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया के लिए इस परियोजना को तैयार किया जा रहा है. इस परियोजना की कुल लागत लगभग 240 करोड़ रुपये की है, जिसकी पार्ट फंडिंग गाजियाबाद नगर निगम के ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड से की जाएगी. इस योजना के लिए गाजियाबाद नगर निगम एक फर्म से डीपीआर भी तैयार करा चुका है. योजना के लागू हो जाने से उद्योगों की ग्राउंडवाटर पर निर्भरता खत्म हो जाएगी. जल दोहन पर भी रोक लगेगी. नगर निगम को इस प्रोजेक्ट से आमदनी भी होगी. नगर निगम उद्योगों को पानी की आपूर्ति के बदले यूजर चार्ज लेगा. ये परियोजना लगभग 27 से 30 माह के अंदर तैयार हो जाएगी.

प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा दी गयी है AAA रेटिंग

प्रदेश सरकार की ओर से साल 2019 में लखनऊ और गाजियाबाद नगर निगम को बॉन्ड जारी करने की मंजूरी दी गई थी. इसके बाद सेबी से अधिकृत एजेंसी से क्रेडिट रेटिंग कराई गई. बिक्रवर्क एवं इण्डिया रेटिंग जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा AA रेटिंग दी गयी है.

क्या होता है ग्रीन बॉन्ड

ग्रीन बॉन्ड किसी भी इकाई, सरकारी समूहों या गठबंधनों और कॉरपोरेट्स द्वारा जारी किया गया बॉन्ड होता है, जिनका उद्देश्य बॉन्डों से जुटाये गये पैसे को पर्यावरणीय रूप से वर्गीकृत परियोजनाओं के लिए उपयोग किया जाता है. इस प्रकार गाजियाबाद नगर निगम द्वारा जारी 150 करोड़ का ग्रीन बाण्ड वाटर रीयूज के सिद्वांत पर आधारित होने के कारण पर्यावरणीय रूप से सर्वथा अनुकूल एवं अपने में अन्य बाण्डों से अलग है.

बिडिंग के दौरान इनकी रही उपस्थिति

ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड  की बिडिंग के दौरान वर्चुअल माध्यम से महापौर गाजियाबाद आशा शर्मा तथा गाजियाबाद बाण्ड कमेटी के सदस्यों के साथ-साथ केशव वर्मा (सलाहकार, नगर विकास विभाग) एवं श्रीमती सुजाता, श्री कुमार (म्युनिसिपल बाण्ड विशेषज्ञ) शामिल रहे. साथ ही नगर विकास निदेशालय में ग्रीन म्युनिसिपल बॉन्ड की बीडिंग के दौरान अपर मुख्य सचिव, नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन डॉ. रजनीश दुबे, विशेष सचिव,  नगर विकास विभाग व मिशन डायरेक्टर स्मार्ट सिटी मिशन इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त गाजियाबाद महेन्द्र सिंह तवर, एचडीएफसी बैंक के जोनल हेड प्रभात उपाध्याय, एचडीएफसी बैंक के स्टेट हेड मनोज राय, एचडीएफसी बैंक के एरिया हेड रंजीत सिंह, ऐके कैपिटल के डायरेक्टर वरूण कौशिक, एके कैपिटल के एवीपी वैभव जैन, बीएसई की मैनेजर हेमलता अग्रवाल, दाराशॉ के वाइस प्रेसिडेंट अनुराग अरूण समेत अन्य लोग मौजूद रहे.

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