Breaking News

जयपुरिया स्कूल ऑफ़ बिजनेस के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में कोविड-19 के बाद डिजिटल क्रान्ति पर हुई चर्चा GHAZIABAD

विनोद गिरि / गाज़ियाबाद voice

जयपुरिया स्कूल ऑफ़ बिजनेस के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में व्यसाय प्रमुखों और शिक्षा जगत के प्रमुख विचारकों ने डिजिटल युग में व्यवसाय और कार्यबल को लेकर रोचक जानकारी साझा की. री-इमैजिनिंग बिजनेस एण्ड री-स्किलिंग वर्क फोर्स फॉर इमर्जिंग डिजिटल ईकोसिस्टमविषय पर इस वर्चुअल कान्फ्रेंस में मुख्य वक्तव्य सौरभ गोयल ने दिया जो हैवेल्स इंडिया लि. के प्रेजिडेंट हैं. इस अवसर पर अतिथि संबोधन रवीचंद्रण वेंकटरमन का था जो एलाइव कंसल्टिंग और स्मृति एकेडमी के फाउंडर सीईओ हैं. सम्मेलन के मुख्य अतिथि डॉ उतियो रायचैधरी थे जो डेनवर यूनिवर्सिटी अमेरिका में अंतर्राष्ट्रीयकरण के वाइस-प्रोवोस्ट हैं.

आयोजन शनिवार सुबह सरस्वती वंदना से हुआ और इसके बाद सेठ आनंदराम जयपुरिया ग्रुप ऑफ़ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष शिशिर जयपुरिया ने स्वागत् संबोधन दिया. उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों के व्यवसायों को प्रौद्योगिकी विकास को लेकर आंखें खोल कर रखना आवश्यक है क्योंकि ये कार्पोरेट परिदृश्य बदल देते हैं. साथ ही, कहा कि  कार्यबल को डिजिटल युग के बदलते व्यवसाय परिवेश के अनुसार दुबारा कौशल प्रदान करना जरूरी है.

सौरभ गोयल का संबोधन मुख्यतः डिजिटल क्रांति पर केंद्रित था जो कोविड-19 के परिणामस्वरूप चारों ओर दिख रही है. उन्होंने कहा कि हम जिस डिजिटल क्रांति की उम्मीद सीईओ या सटीओ से करते थे वह वस्तुतः कोविड की वजह से आ गई है. साथ ही कहा कि आज के व्यवसाय प्रमुख यह मानते हैं कि आमदनी बढ़ाने में मुख्य भूमिका डिजिटल तकनीक की होगी. आज 80 फीसद से अधिक व्यवसाय प्रमुख डिजिटल तकनीक अपना रहे हैं और 65 फीसद उनके बजट में डिजिटल तकनीक पर खर्च बढ़ाने के लिए तैयार हैं.

रवीचंद्रण वेंकटरमन ने विमर्श को बढ़ाते हुए साइबर-फिजिकल युग पर अपनी बात रखी जो तेजी से उभर रहा है. उन्होंने कहा कि यह दुनिया मशीन युग से आगे बढ़ कर पहले सूचना युग और अब साइबर फिजिकल युग में पहुंच गई है. इस बदलाव को बढ़ावा देते हैं: मोबिलीटी, डाटा, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स और कंटेंट का विकास. साथ ही कहा कि फ्यूचर-रेडी संगठनों को आगे ले जाने में स्पीड-टू-वैल्यू और रेडिकल कोलेबरेशन अहम होंगे.

मुख्य अतिथि डॉ उतियो रायचैधरी ने इस विषय पर वैश्विक दृष्टिकोण से अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि डिजिटल इकोसिस्टम ने उस मोनोलिथिक चेन को तोड़ दिया है जिसके हमें आदत पड़ी थी, हम अब सूचना युग से बड़े बदलाव के बाद कोलेबरेशन के युग में जा रहे हैं. साथ ही बोले कि तकनीक की तेज प्रगति से इतनी सूचना प्राप्त है ताकि हम डाटा के आधार पर व्यवसाय का निर्णय लेने लगे हैं, इससे मौजूद व्यवस्था में बड़े बदलाव आए हैं.

जयपुरिया स्कूल ऑफ़ बिजनेस के निदेशक डॉ जीतेन्द्र कुमार मिश्रा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया और कहा कि इस सम्मेलन से कई रोचक दृष्टिकोण मिले जो डिजिटल युग में नए व्यवसाय मॉडल की नई परिकल्पना करने में मदद करेंगे और तदनुसार ऐसे व्यवसायों को दिशा देने के लिए कार्यबलों का दुबारा कौशल विकास और कौशल प्रोन्नयन करना होगा.

Check Also

श्रेया हॉस्पिटल में स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन, कोरोना कर्मवीरों को किया गया सम्मानित GHAZIABAD

अभिषेक सिंह / गाज़ियाबाद voice साहिबाबाद के शालीमार गार्डन स्थित श्रेया हॉस्पिटल में विश्व फिजिओथेरेपी …