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बीमार होने का ना करे इंतज़ार : गौरव पाण्डेय

न्यूज़ डेस्क / गाज़ियाबाद VOICE

आजकल भागदौड़ की जिंदगी और अनियमित दिनचर्या की वजह से हमें बीमारियों के आने से रोक पाना एक बहुत बड़ी चुनौती है. अपने स्वास्थ्य को शारीरिक, मानसिक, और सामाजिक तौर पर संतुलित रखना एक संपूर्ण स्वस्थ व्यक्ति का द्योतक है.जिसे संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, नित्य प्रति व्यायाम, और पर्याप्त नींद के माध्यम से प्राप्त किए जाने पर हमेशा से जोर दिया जाता रहा है. किंतु बदलती परिस्थितियों में अब इन माध्यमों से भी स्वस्थ शरीर को पाना कठिन होता जा रहा है.मशीनों के बढ़ते प्रयोग, प्रदूषण, मिलावट, कीटनाशकों के प्रयोग एवं शारीरिक श्रम के कम होने से बीमारियों के बढ़ने का खतरा और भी ज्यादा बढ़ गया है.

ऐसे में प्रश्न उठता है कि हमें क्या करना चाहिए?
वरिष्ठ डॉक्टर आजकल जल्द से जल्द बीमारियों को पकड़ने के लिए या उनका निदान करने के लिए नियमित रूप से जांच एवं परामर्श की सलाह देते हैं.
कुछ एक सामान्य जांचों से बड़ी बीमारियों के आने का अंदेशा लग जाता है ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच स्वास्थ्य रक्षा के लिए एक बड़ा माध्यम सिद्ध हो सकता है.
नियमित स्वास्थ्य जांच कराने से हम आने वाली बीमारियों को सही समय पर रोक भी सकते हैं और उनकी जटिलताओं को और जोखिम को कम कर सकते हैं.
सामान्यतः 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच की ज्यादा आवश्यकता होती है क्योंकि उन्हें खतरनाक बीमारियों से प्रभावित होने की संभावना बढ़ती हुई उम्र के साथ बढ़ती जाती है.
वैसे तो आज की बदली हुई परिस्थितियों में यह भी देखा जा रहा है कि 25 वर्ष के बाद भी हृदय रोग एवं हृदय आघात जैसे गंभीर रोग प्रारंभ होने लगे हैं.
हम सस्ती और सुगम जांचों से गंभीर बीमारियां जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, ह्रदय रोग, किडनी रोग, मुख के कैंसर, शरीर में किसी गांठ के कैंसर में परिवर्तित होने को सही समय पर डायग्नोज कर बढ़ने से या फैलने से रोक सकते हैं.

विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के लिए, महिलाओं एवं पुरुषों के लिए और रोग के अनुसार भी हेल्थ चैकअप पैकेज उपलब्ध हैं, जिनका लाभ आसानी से उठाया जा सकता है. यदि हम कुछ सामान्य जांचों की बात करें तो उच्च रक्तचाप जैसी बीमारी को निरंतर रूप से ब्लड प्रेशर चेक कराने से रोका जा सकता है. वही मधुमेह जैसी बीमारी को समय-समय पर ब्लड शुगर फास्टिंग एवं ब्लड शुगर पीपी एवं 3 महीने का एवरेज ब्लड शुगर बताने वाला टेस्ट hba1c को करा कर इसका निदान किया जा सकता है.

यदि हम हृदय रोग की बीमारियों की बात करें तो लिपिड प्रोफाइल जिसमें कोलेस्ट्रोल और ट्राइग्लिसराइड की मात्रा की जांच की जाती है और साथ ही साथ एचडीएल यानी कि अच्छा कोलेस्ट्रोल और एलडीएल जिसे बैड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है उसकी मात्रा को भी जांच कर ह्रदय के अंदर होने वाली वसा की जमा होने की वजह से ब्लॉकेज को रोका जा सकता है, साथ ही किसी भी प्रकार का हृदय में दर्द होने पर या चुभन होने पर एक सामान्य टेस्ट ईसीजी के माध्यम से हृदय की स्थिति को जाँचा जा सकता है और हृदय आघात एवं हृदय की अन्य अनियमितताओं जैसी बड़ी बीमारियों को पकड़ा जा सकता है. 45 वर्ष से अधिक लोगों को प्रतिवर्ष ह्रदय रोग के निदान के लिए ट्रेडमिल टेस्ट, एवं इकोकार्डियोग्राफी एवं चेस्ट x-ray भी कराते रहना चाहिए.

किडनी की बीमारियों का सीरम क्रिएटिनिन, ब्लड यूरिया एवं ब्लड नाइट्रोजन जैसी सामान्य रक्त जांच से सही समय पर निदान किया जा सकता है. पेट की विभिन्न बीमारियों और गाल ब्लैडर की पथरी को अल्ट्रासाउंड के माध्यम से निदान किया जा सकता है.
पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर बहुत ही सामान्य है जिसे एक खून की जांच पी.एस.ए. के माध्यम से पकड़ा जा सकता है और वही महिलाओं में दूसरी ओर स्त्री कैंसर को पैप स्मीयर इजाज द्वारा पकड़ा जा सकता है. रक्त कैंसर को हम सीबीसी या कंपलीट हीमोग्राम टेस्ट के माध्यम से निदान कर सकते हैं. अन्य बीमारियों के लिए हम अपना फैमिली फिजिशियन या जनरल फिजिशियन से परामर्श कर संबंधित जाकर करवा सकते हैं और बीमारियों को बढ़ने से सही समय पर रोक सकते हैं.

लेखक वरिष्ठ स्वास्थ्यविद हैं।

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