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अंतिम संस्कार में शामिल होने गए लोगों पर गिरा श्मशान घाट का लेंटर, 25 की दर्दनाक मौत, कई घायल GHAZIABAD

संजय गिरि / गाज़ियाबाद voice

गाज़ियाबाद के मुराद नगर में रविवार को श्मशान घाट का लेंटर ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया. हादसे में लेंटर के मलबे में दबने से 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. वहीँ कई लोग घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस मामले में विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मुरादनगर नगर पालिका की ईओ निहारिका सिंह, जेई चंद्रपाल व सुपरवाइजर आशीष को गिरफ्तार कर लिया गया. वहीँ, हादसे के बाद से ठेकेदार अजय त्यागी फरार है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है. हादसे के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने गहरा दुःख जताया.

रविवार सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर सहित अन्य स्थानों पर लगातार बारिश हो रही थी. इस बीच मुरादनगर के दयानंद नगर निवासी दयाराम के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए स्थानीय लोग उखरानी/बम्बा रोड पर स्थित श्मशान घाट पहुंचे थे. बारिश से बचने के लिए लोग लेंटर के नीचे खड़े हो गए थे. तभी श्मशान घाट का लेंटर भरभराकर ढह गया. चीख पुकार के बीच दर्जनों लोग उसके अंदर ही मलबे में दब गए. हादसे की जानकारी मिलते ही डीएम अजय शंकर पाण्डेय, एसएसपी कलानिधि नैथानी व पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत/बचाव कार्य शुरू किया. इस बीच केन्द्रीय राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह व स्थानीय विधायक अजीतपाल त्यागी भी मौके पर पहुंचे.

मौसम खराब होने व लेंटर का मलबा काफी अधिक होने के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में अड़चन पैदा हो रही थी. जिसके बाद वहां जेसीबी व क्रेन भी मंगाई गई. एनडीआरएफ गाज़ियाबाद इकाई के कमांडेंट पीके तिवारी व डिप्टी कमांडेंट आदित्य प्रताप सिंह के नेतृत्व में एनडीआरएफ की क्विक रेस्पोंस टीम लगातार ड्रिल मशीन व अन्य संसाधनों की मदद से लेंटर के मलबे को हटाने व उसके भीतर से लोगों को बाहर निकालने में जुटी रही. चारों ओर चीख पुकार के बीच स्थानीय लोग भी बचाव दस्ते की मदद करते रहे.

कई घंटे चले बचाव कार्य के दौरान मलबे के भीतर से एक-एक कर 25 लोगों के क्षत-विक्षत शवों को बाहर निकाला गया. वहीँ कई लोगों को घायलावस्था में बाहर निकाल कर उन्हें उपचार के लिए एमएमजी जिला अस्पताल, सीएचसी मुरादनगर व अन्य अस्पतालों में भेजा गया. देर रात तक मृतकों के शवों का पंचनामा कराया जाता रहा. मृतकों की शिनाख्त दिग्विजय पुत्र मुकेश त्यागी निवासी मुरादनगर, प्रमोद कुमार पुत्र रामपाल निवासी गंगा विहार मुरादनगर, नितिन पुत्र इकबाल सिंह निवासी मुरादनगर, नेपाल सिंह पुत्र कालू राम निवासी मुदानगर, रोबिन पुत्र अज्ञात, दिनेश पुत्र परमानंद निवासी कृष्णा कुंज मोदीनगर, उधम सिंह पुत्र रमेश निवासी डिफेंस कॉलोनी मुरादनगर, जयवीर पुत्र बलवीर सिंह निवासी मेरठ, सुरेश पुत्र दर्शन दयाल लोहियानगर गाजियाबाद, सुधाकर पुत्र हरवीर सिंह निवासी मसूरी, किशनपाल पुत्र प्रलोभ सिंह निवासी मुरादनगर आदि के रूप में हुई.

घटनास्थल पर डीएम, एसएसपी व मुरादनगर विधायक

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए. उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा के साथ ही कहा कि घटना से प्रभावित व्यक्तियों को हर सम्भव मदद पहुंचाई जाए. वहीं, मेरठ मंडल कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने कहा कि मामले में जांच शुरू कर दी गई है, दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी.

हादसे के बाद पुलिस गिरफ्त में आरोपी

इस मामले में मुरादनगर नगर पालिका की ईओ निहारिका सिंह, जेई चंद्रपाल व सुपरवाइजर आशीष व ठेकेदार अजय त्यागी के खिलाफ धारा 304, 337, 338, 427, 409 के तहत मुरादनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया. निहारिका सिंह, चंद्रपाल व आशीष को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. वहीँ हादसे के बाद से फरार ठेकेदार अजय त्यागी की तलाश में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही है.

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