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कोरोना का असर : यूपी की जेलों में बंद भाइयों की कलाई पर बहनें नहीं बांध पाएंगी रक्षा सूत्र GHAZIABAD COVID19

संजय गिरि / गाज़ियाबाद voice

महामारी का रूप ले चुके कोरोना का दुष्प्रभाव इस बार रक्षा बंधन के त्यौहार पर भी पड़ता साफ़ नज़र आ रहा है. यूपी की जेलों को भी इस सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं. जिसके अनुसार भाई-बहन के असीम प्यार के प्रतीक रक्षाबंधन के पर्व पर इस बार प्रदेश की जेलों में भाई-बहनों, परिजनों व बंदियों के बीच मुलाकात नहीं हो पाएगी. ऐसे में भाइयों कि कलाई तो सूनी नहीं रहेगी लेकिन हर वर्ष कि भांति इस बार उन्हें स्वयं उनकी बहनें राखी नहीं बाँध पाएंगी.

कैदियों से उनके परिजनों का मिलने आना स्वाभाविक

गाज़ियाबाद के डासना स्थित जिला कारगर के जेल अधीक्षक डॉ विपिन मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यालय (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश) की तरफ से अपर महानिरीक्षक (कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश) डॉ शरद ने निर्देश जारी किए हैं. जिसके अनुसार आगामी दिनांक 03.08.2020 को रक्षाबन्धन का पर्व मनाया जाना तय है, ऐसे में उक्त पर्व पर कैदियों से उनके परिजनों का मिलने आना स्वाभाविक एवं पूर्व की परम्पराओं की भाँति सम्भावित भी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर

संक्रमण के प्रसार व बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां

यूपी की जेलों को जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि वर्तमान में कोविड-19 संक्रमण का प्रसार पूरे प्रदेश में काफी विस्तारित रूप से हो रहा है इसलिये बंदियों एवं बंदियों के परिजनों के साथ-साथ ड्यूटी पर रहने वाले जेल स्टाफ को कोरोना संक्रमण होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है. इसलिये कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने/बचाव हेतु निम्नवत निर्देशों/सावधानियों का बरतना बेहद आवश्यक है :

1- प्रदेश में स्थित कारागारों के बाहर एक काउन्टर स्थापित किया जाय. काउन्टर पर कोविड हेल्प डेस्क सम्बन्धी शासनादेश में दिये गये निर्देशानुसार कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जाय तथा उनके बचाव हेतु लिक्विड सैनिटाइजर मास्क, फेसकवर, ग्लब्स, हैण्ड सैनेटाईजर/साबुन तथा वांछित स्टेशनरी/लिफाफा आदि की व्यवस्था कारागार स्तर पर सुनिश्चित की जाय.

2- आने वाले आगंतुकों व कैदियों के परिजनों के सामान की जांच की जाय.

3- रक्षाबंधन के पर्व में अनुमन्य राखी, चन्दन, चावल आदि को स्वीकार किया जाय एवं उसको एक लिफाफे पर बंदी का नाम एवं सामग्री देने वाले परिजन का नाम एवं पता अंकित कराया जाय.

4- खाद्य सामग्री/मिठाई इत्यादि को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाए.

5- पावती डेस्क पर तैनात कार्मिक द्वारा बंदी के आगन्तुकों/परिजनों का सम्पूर्ण विवरण एक पावती पर अंकित किया जाय तथा सम्बन्धित बंदी का नाम/पिता व विवरण इत्यादि अंकित किया जाय.

6- मुलाकात व्यवस्था पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित रहेगी.

7- प्राप्त सामग्री को पूर्णतया सैनेटाइज करने के पश्चात ही बंदी को उपलब्ध कराया जाय. उक्त कार्यवाही दिनांक 01.08.2020 के सांयकाल 4.00 बजे तक पूर्ण करने के उपरान्त रक्षाबन्धन पर्व के दिनांक 03.08.2020 को वितरित किया जाना सुनिश्चित किया जाए.

8- परिपत्र के अनुसार माह के प्रथम रविवार को देय विशेष भोजन रक्षाबन्धन के दिन वितरित किये जाने की व्यवस्था की जाए. उपरोक्त निर्देशों का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए.

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