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रेमडेसिविर की कालाबाजारी कर रहा नामी डॉक्टर साथियों सहित गिरफ्तार, 70 इंजेक्शन व 36.10 लाख बरामद GHAZIABAD

संजय गिरि / गाज़ियाबाद voice  

कोरोना संक्रमण के चलते एक ओर पूरा देश बुरे दौर से गुज़र रहा है और भारी संख्या में लोग ज़रूरी दवाईयों, अस्पताल में बेड व ऑक्सीजन के अभाव में अपनी जान गंवा रहे हैं. वहीँ, इस बुरे दौर में भी लोग मानवता को तार-तार कर कालाबाजारी में जुटे हैं. गाज़ियाबाद पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने ऐसे ही रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले गिरोह का भांडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस काले धंधे में शामिल नामी डॉक्टर सहित तीन को गिरफ्तार कर उनके पास से 70 रेमडेसिविर इंजेक्शन, दो अक्टेमरा इंजेक्शन, 36.10 लाख रुपये व स्कोडा कार बरामद की है. पकड़ा गया चिकित्सक एम्स में न्यूरोलॉजिस्ट रह चुका है और वर्तमान में एम्स में गेस्ट डॉक्टर की तरह जाता रहा है.

पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार की शाम दिल्ली के निजामुद्दीन निवासी डॉ. अल्तमश, गाज़ियाबाद के कैला भट्ठा निवासी कुमैल अकरम व बाड़ा इंदुराव दिल्ली निवासी जाजिब अली को गिरफ्तार किया. वह दिल्ली के एम्स अस्पताल के पास एक व्यक्ति से यह इंजेक्शन लेकर गाजियाबाद में बेच रहे थे. पुलिस के मुताबिक डॉ. अल्तमश हयात एक कंपनी में नेशनल सीइओ भी है, जबकि कुमैल अकरम का कपड़े का कारोबार और जाजिब अली फेस मास्क सप्लाई करता है.

एसपी सिटी ने कहा कि आरोपी पिछले करीब 15 दिन से इंजेक्शनों की कालाबाजारी कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक़ इनके पास से बरामद 36.10 लाख रुपये इंजेक्शनों की कालाबाजारी से ही एकत्र हुए थे. अब तक ये लोग 50 से अधिक लोगों को इंजेक्शन बेच चुके हैं. इंजेक्शन कहां से लाए जाते थे और कौन इन्हें इनकी सप्लाई देता था, इस बारे में पुलिस अभी पूछताछ कर अन्य जानकारी जुटा रही है.

पुलिस की मानें तो आरोपी विभिन्न माध्यमों से जरूरतमंदों को इंजेक्शन की सप्लाई कर रहे थे. इनके बारे में सुराग मिलने पर पुलिस ने जाल बिछाया और अपने कुछ पुलिसकर्मियों को ग्राहक बनाकर आरोपितों से संपर्क कराया. पुलिसकर्मियों से आरोपितों का वाट्सएप पर संपर्क हुआ. 38 हजार रुपये के हिसाब से 70 रेमडेसिविर की खेप मंगाई गई. इसके बाद आरोपित मंगलवार को इंजेक्शन सप्लाई करने के लिए आए तो पुलिस ने इन्हें धर दबोचा. आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि वे 35 से 40 हजार रुपये में रेमडेसिविर और डेढ़ लाख रुपये में अक्टेमरा इंजेक्शन बेच रहे थे. एसपी सिटी निपुण अग्रवाल का कहना है कि इन इंजेक्शनों को मजिस्ट्रेट के सामने पेशकर रिलीज करा दिया जाएगा और जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जाएगा.

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