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यशोदा हॉस्पिटल में 32 वर्षीय महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया GHAZIABAD

संजय गिरि /गाज़ियाबाद voice

गाज़ियाबाद के कौशाम्बी स्थित यशोदा हॉस्पिटल में 32 वर्षीय महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया. तीन बच्चों में एक बालिका है जो पूरी तरह स्वस्थ है. वहीँ, दो बालक हैं जो समय से पहले होने और वजन में कमी कि वजह से अस्पताल में डॉक्टरों कि देखरेख में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है. अस्पताल प्रबंधन की ओर से बच्चों के माता-पिता व परिवार को बधाई देते हुए उनके स्वस्थ व उज्जवल भविष्य कि कामना की गयी.

ऑपरेशन से करायी गई डिलीवरी

वसुंधरा निवासी 32 वर्षीय महिला के पति उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं. अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ दीपा ने बताया कि महिला ने 21 जुलाई को तीन बच्चों को जन्म दिया. महिला कि स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन से यह डिलीवरी करायी गयी जो सफल रही. तीनों बच्चों में बालिका पूरी तरह स्वस्थ है. वहीँ, दो बालक समय से पहले जन्मे होने व वजन कम होने के चलते कुछ अस्वस्थ हैं और अस्पताल में वह डॉक्टरों की देखरेख में हैं. डॉ दीपा ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन कोविड–19 से बचाव को लेकर पूरी तरह सतर्क है और हर एक स्तर पर पूरी तरह से ध्यान रखा जा रहा है जिससे नॉन कोविड – 19 मरीज को भी किसी भी प्रकार का खतरा ना हो.

यशोदा हॉस्पिटल में जन्मे तीनों बच्चों की तस्वीर

 कोविड-19 को देखते हुए हॉस्पिटल में ख़ास इंतजाम

अस्पताल की डायरेक्टर श्रीमती उपासना अरोड़ा ने बताया कि कोविड-19 से बचाव के लिए अस्पताल में विशेष तौर पर सावधानियां बरती जा रही हैं. एक हॉस्पिटल बिल्डिंग जो मेन बिल्डिंग से करीब 30 फुट पर है उसे कोविड-19 वार्ड के रूप में उपयोग में लाया जा रहा है तथा साथ ही पीपीई किट, एन-95 मास्क का स्टाफ एवं डॉक्टरों द्वारा प्रयोग, कोविड-19 के घनात्मक के लिए अलग प्रवेश एवं निकास द्वार, सभी मरीजों की एवं उनके तीमारदारों की स्क्रीनिंग एवं शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए नियमों का पालन कराया जा रहा है.

श्रीमती उपासना अरोड़ा , डायरेक्टर (यशोदा हॉस्पिटल, कौशाम्बी, गाज़ियाबाद)

ऑपरेशन थिएटर में हेपा फिल्टर युक्त लैमिनार फ्लो

हॉस्पिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉक्टर सुनील डागर ने बताया यशोदा हॉस्पिटल कौशांबी न सिर्फ कोविड-19 इलाज कर रहा है बल्कि अन्य बीमारियों के लिए भी उपचार जारी है. उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर में हम अल्ट्रावॉयलेट लाइट्स का प्रयोग कर रहे हैं तथा हमारे ऑपरेशन थिएटर में लैमिनार फ्लो लगा है जिसमें हेपा फिल्टर भी हैं, जिससे कि कोरोनावायरस के संक्रमण के फैलाव का खतरा बहुत कम हो जाता है. इसके साथ ही सभी काउंटरों पर शीशे के स्क्रीन लगा दिए गए हैं जिससे कि मरीज एवं स्टाफ के बीच में दूरी बनी रहे और संक्रमण का खतरा ना के बराबर रहे.

डॉ सुनील डागर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ( यशोदा हॉस्पिटल, कौशाम्बी, गाज़ियाबाद )

इन्फेक्शन कंट्रोल पॉलिसी का किया जा रहा अनुसरण

हॉस्पिटल में विश्व स्तर पर प्रयोग की जा रही इनफेक्शन कंट्रोल पॉलिसी को मद्देनजर रखते हुए अस्पताल में उसका भी अनुसरण किया जा रहा है. कोविड-19 घनात्मक मरीजों से उत्पन्न कचरे को बायो मेडिकल वेस्ट की उच्चतम तकनीक से निस्तारण किया जा रहा है. साथ ही उसकी जीपीएस ट्रैकिंग भी की जा रही है. डॉ सुनील डागर ने कहा कि इन सब सुरक्षा मानकों के प्रयोग से हम यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी को एक सुरक्षित कोविड-19 हाइब्रिड हॉस्पिटल बनाने में सफल रहे हैं.

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